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साहित्यसुधा


साहित्यकारों की वेबपत्रिका

साहित्य की रचनास्थली


वर्ष: 2, अंक 38, जून(प्रथम), 2018

लेखक या सम्पादक की लिखित अनुमति के बिना पूर्ण या आंशिक रचनाओं का पुनर्प्रकाशन वर्जित है। लेखक के विचारों के साथ सम्पादक का सहमत या असहमत होना आवश्यक नहीं।  सर्वाधिकार सुरक्षित। साहित्यसुधा में प्रकाशित रचनाओं में विचार लेखक के अपने हैं और साहित्यसुधा टीम का उनसे सहमत होना अनिवार्य नहीं है।

साहित्यसुधा एक सम्पूर्णतः साहित्यिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य सभी रचनाकारों को प्रोत्साहित करके हिंदी को बढ़ावा  देना है | इसके माध्यम से हिंदी साहित्य की सभी विधाओं को सम्मिलित करने का प्रयास किया जाएगा। साहित्यसुधा

सम्पादकीय मंडल:-
सम्पादक - डॉ०अनिल चड्डा
सह-सम्पादक - अखिल भंडारी


साहित्यिक समाचार









प्रबोध गोविल के उपन्यास ‘अक़ाब’ पर प्रतिक्रिया








अकाब पढ़ा पढकर जो प्रतिक्रया हुई उसे लिखा है :--------- अकाब के आखिरी पन्ने से पहले और अंतिम पंक्तियों से कुछ पहले, को पढ़ कर, ताली बजाने का मन हो आया ‘ इसे कहते है मास्टर स्ट्रोक , प्रबोध जी ने सीधा बड़ा सिक्सर मारते हुए अपनी कहानी को अंजाम दिया और क्या अंत किया ! कि पुस्तक पढ़ना सार्थक हो गया । “ ---अनन्या चलती- चलती किसी दूकान में घुस गयी ---------- ----------------वह किसी किताबों की दूकान में घुसकर रास्ते में पढ़ने के लिए नॉवल ढूँढ रही थी । तभी चहकती हुई अनन्या शीशे का दरवाज़ा खोलकर बाहर निकली । उसके हाथ में एक किताब थी । शायद कोई उपन्यास था ।------------ नॉवल का नाम था ‘अकाब ‘ ।”

....पूरा पढ़ें







त्रिलोक सिंह ठकुरेला दसवीं कक्षा के पाठ्यक्रम में

सुपरिचित कुण्डलियाकार एवं साहित्यकार त्रिलोक सिंह ठकुरेला को महाराष्ट्र राज्य पाठ्यपुस्तक निर्मिती व अभ्यासक्रम संशोधन मंडल द्वारा 'हिन्दी कुमारभारती (दसवीं कक्षा )' पाठ्यपुस्तक में सम्मिलित किया गया है।इस पुस्तक में उनकी दो लघुकथाओं को स्थान मिला है। त्रिलोक सिंह ठकुरेला को उनके कृतित्व के लिए राजस्थान साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि छांदस विधाओं के पक्षधर त्रिलोक सिंह ठकुरेला द्वारा कुण्डलिया छंद के उन्नयन के लिए अद्वितीय प्रयास किया गया है।इन्होने अनेक कुण्डलिया संकलनों का संपादन किया है। इन्होंने बाल साहित्य , कविता , गीत-नवगीत , दोहा , कुण्डलिया ,हाइकु , मुकरिया व लघुकथा आदि विधाओं में सृजन किया है। पूर्व में इनकी रचना प्रथम पाठ के रूप में ' गुंजन हिन्दी पाठमाला - 3 ' में भी सम्मिलित की जा चुकी है।


जानें अपनी प्रसन्नता को कैसे बढायें -
पढ़ें डॉ० अशकान फरहादी द्वारा रचित एवँ डॉ० अनिल चड्डा एवँ अन्य द्वारा अनुवादित पुस्तक का 10वाँ भाग
"प्रसन्नता का विकास"

  

"दम्भ दूर करें", "विनम्रता" "न्याय और क्षमा" इत्यादि
सम्पादक की ओर से
"भटक गया हूं "


धुएं सी टूटन 
उभर कर 
जब-तब 
मन को घेर लेती है
ज़रा सी बात भी
शूल सी लगती है
जीवन का पर्दा
हालात की हवाओं से
जब उड़-उड़ जाता है
तब
भावना
तिनके सी
बिखर-बिखर जाती है
तुम्हे कहा भी था
उबड़-खाबड़ रास्तों पर
फूल न बिछाओ
छाले पड़ जायें गें
कांटों पर
चलने की आद्त
बिसरा दूंगा
फिर कौन मुझे
राह दिखाये गा
अब तुम्ही बताओ
कौन
मेरी उंगली पकड़ कर
मुझे चलाये गा
तुम्हे तो मंजिल मिल चुकी
मैं तो, कुहासे से घिरा-
स्तंभित सा -
चौराहे पर
भटक गया हूं !
     - डॉ० अनिल चड्डा
अब तक.......


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बच्चों का कोना|

आपके पत्र


आजकल बेशर्मी का ज़माना है
बहुत बहुत उम्दा,समयिक,सरगर्भित ग़ज़ल
साधुवाद अनिल चड्ढा जी

shuchileekha@gmail.com

अच्छा अंक,बधाई

Shahil.goldy@gmail.com

अच्छी पहल संपादक मंडल और रचनाकारों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

लक्ष्मी नारायण लहरे ,साहिल ,
कार्यकारी संपादक समरसता सन्देश रायपुर


शुभ सांध्य चड्ढा साहब
आपकी मेहनत व लगन की सार्थकता इस वेब पेज के माध्यम से दिख रही है।

रश्मि सुमन

सम्माननीय अनिल जी

साहित्य सुधा का यह अंक एक विशेष सामग्री लिए हुए है. हर सिंफ को साहित्य के कलश में पेश
करके पाठकों के लिए एक खुले आसमान पसरा दिया है. मेरे सिन्धी भाषा के आलेख को पेश करने के अत्यंत आभारी

देवी नागरानी



साहित्य सुधा का में प्रशसंक हूँ, क्योंकि हिंदी में आपका प्रयास हिंदी को उचित सम्मान देता है।
आप तेजी से लेखक और पाठकों को जोड़ रहे हैं ये देखकर और भी अच्छा लगता है, गर्व होता है।

Dinesh Solanki

प्रिय भाई अनिल जी
मई द्वितीय अंक प्राप्त हुआ बहुत बहुत धन्यवाद | आपके द्वारा रचित "दर्द से दुआ सलाम कर ही लेते हैं"
और "नाम मैं ही तो सब कुछ है " , श्री नरेश गुर्जर जी की "टुकड़ों में बिखर जाऊंगा मैं
", श्री अनिल खन्ना जी की "जाड़ों की धूप ", तथा आशा शैली जी की कहानी "अंतराल" ने मंत्र मुग्ध किया |
आपकी यह पत्रिका हिंदी प्रेमियों और लेखकों के लिए एक मच है जहां सभी
अपने भावों की अभिव्यक्ति कर अपने भावों का आदान प्रदान करते हैं |इस उत्तम कार्य के लिए आपको बधाई के साथ साथ अनेक शुभकामनाएं |
सादर
सविता अग्रवाल "सवि"
(कनाडा)


आदरणीय सम्पादक जी ,
हिंदी साहित्य के प्रसार , प्रचार को समर्पित आपका प्रयास प्रशंसनीय है | सुन्दर साहित्य से सजे अंक के लिए बधाई !!|
पत्रिका के जून अंक में प्रकाशनार्थ कुछ रचनाएँ प्रेषित कर रही हूँ | यदि योग्य लगें तो स्थान प्रदान कर अनुगृहीत कीजिएगा |

सादर/ साभार
ज्योत्स्ना शर्मा



आपके द्वारा सम्पादित वेब पत्रिका साहित्यसुधा(मई द्वितीय )का अंक देखा \ पढ़ा |
समसामयिक साहित्यिक रचनायें रोचक सार्थक और प्रासंगिक है |
हिंदी के स्थापित और उभरते हुए रचनाधर्मियों को एक विस्तृत कैनवास प्रदान
कर निश्चित ही आपने श्लाघनीय कार्य किया है |
बधाई और अशेष शुभ कामनाएं | सादर

मनोहर अभय
सपना जी की 'चालीस पार की औरतें' मन को छू गयी| उनको बधाई|
साहित्य सुधा का अंक मई दिव्तीय अच्छा लगा| सभी रचनाकारों को बधाई|
विशेषकर नए रचनाकारों के लिए बेहतरीन मंच|

अरुण कान्त शुक्ला

श्री अशोक दर्द जी द्वारा लिखित कविता 'बड़ा होने के लिए' दिल को छू गई।
अशोक जी आपने आज के परिवेश को देखते हुए बिल्‍कुल सही लिखा।
वास्‍तव में बड़ा होने के लिए दिखावा नहीं बल्कि इंसानियत सर्वोपरि होनी चाहिए।
दूसरों के प्रति प्रेम,प्‍यार एवं स्‍नेह की भावना रखना ही ईश्‍वर की सच्‍ची पूजा हैै। इतनी बढिया कविता लिखने के लिए आप बधाई के पात्र हैं।
सादर,

(सूरज प्रकाश बडगूजर)
सहायक निदेशक (राजभाषा)
कृषि लागत एवं मूल्‍य आयोग


राष्ट्र की संस्कृति और सभ्यता से ओत प्रोत, राष्ट्रोन्नति हेतु समर्पित रचनाओं/ रचनाकारों को
हिंदी के प्रति उत्साहित एवं गौरवान्वित करती वेबपत्रिका साहित्यसुधा की सुगंध हम-सब
को नयी ऊर्जा एवं प्रेरणा प्रदान करती है।

nkdwivedi1@rediffmail.com
इस अंक में
कवितायेँ


1.अभिषेक कांत पाण्डेय -

(i)इंसानियत
(ii)कैसी है तुम्हारी भाषा
(iii)प्रेम-याद, भूल याद

2.डॉ०अनिल चड्डा -

(i)तुम्हे खामोश रहना होगा

3.भास्कर चौधुरी -

(i)चुप
(ii)पाखी के लिए दो कविताएँ
(iii)समय

4.बृजेश पाण्डेय 'बृजकिशोर' -

(i)यज्ञ

5.कवि चंद्र मोहन किस्कू -

(i)हूल की आग जली

6.ध्रुव सिंह "एकलव्य'' -

(i)चार पाए

7.डॉ दिग्विजय शर्मा "द्रोण" -

(i)व्यवस्था

8.जनकदेव जनक -

(i)भोजपुरी कविता -
 बात मानी राजा जी


9.कवि जसवंत लाल खटीक -

(i)आओ ! मेरे गाँव चलो

10.डॉ.ज्योत्स्ना शर्मा -

(i)माहिया


11मल्लिका मुखर्जी -

(i)बोन्साई



12.डॉ नन्दलाल भारती -

(i)सुरसा


13.नरेन्द्र श्रीवास्तव -

(i)बात मेरी सुन जाओ बाबू
(ii)विश्व पर्यावरण दिवस
 (5जून2018) पर विशेष

 - मुझे मत काटो



14.नरेश गुर्जर -

(i)उडा़ था एक परिंदा


15.नीतू शर्मा -

(i)नारी बन जा एक चिंगारी


16.नीतू सुदीप्ति -

(i)नेट पर सेट



17.पीताम्बर दास सराफ "रंक" -

(i)संतानें,अपने मरते पिता से


18.डॉ. प्रमोद सोनवानी ‘पुष्प’ -

(i)माँ


19.प्रिया देवांगन "प्रियू" -

(i)स्वच्छता अभियान


20.राजेश भंडारी “बाबु “ -

(i)नहीं भूल पाता हूँ

21.रंजन कुमार प्रसाद -

(i)बेरोजगारी का स्वरुप
 विकराल होगा




22.रश्मि सुमन -

(i)एक पूर्ण शून्य


23.रवि प्रभात -

(i)तुम को ही ढूंढ़ा करती थी


24.सपना परिहार -

(i)मेरे घर अब
 गौरैया नही आती

(ii)ससुराल में भी इक
 मायका होना चाहिए



25.सत्येन्द्र कुमार -

(i)क्या जीवन ऐसे ही चलता है


26.शम्भु प्रसाद भट्ट'स्नेहिल' -

(i)एहसास


27.सुशांत सुप्रिय -

(i)बचपन
(ii)एक दिन
(iii)स्पर्श


28.सुशील कुमार शर्मा -

(i)माँ


29.सुशील यादव -

(i)कब तक बोलो ....


30.उमाशंकर सैनी -

(i)हाथ लगाओ डर रही है

31.विनीता तिवारी -

(i)प्यार आजकल

गीत, गज़ल, इत्यादि


ग़ज़लें

1.अरविन्द कुमार 'असर '
-

(i)कोई हमदम नहीं
(ii)ज़ख़्म दिखाया नहीं कभी

2.देवी नागरानी

(i)लोग क्या क्या क़यास करते हैं
(ii)लोग साहिल पे डूब जाते हैं

3.धर्मेन्द्र अरोड़ा "मुसाफिर"

(i)अच्छा नहीँ लगता!

4.डॉ० डी एम मिश्र

(i)राग लिख रहा हूँ
(ii)तुम्हारा वो सिहर जाना

5.नवीन मणि त्रिपाठी

(i)भरोसा कहाँ रह
 गया आदमी को

(ii)कभी तो जुल्म पर
 कुछ फैसला होगा


6.संजय कुमार गिरी

(i)सब पड़ा रह जाएगा

7.शुचि 'भवि'

(i)दिल तेरा माँग क्या लिया मैंने
(ii)जिंदगी आज कितनी हैरान है

नज़्में


1.डॉ०अनिल चड्डा

(i)पराये हो गये

2.डॉ दिग्विजय शर्मा "द्रोण"


(i)धरती माँ

गीत


1.डॉ०अनिल चड्डा -

(i)दर्द मैं पीता जाऊँ

2.डॉ. दिवाकर दत्त त्रिपाठी
-

(i)कलम ! दर्द से रुक मत जाना
(ii)विकल हृदय तू क्यूँ उदास है

3.हरिहर झा -

(i)लहरा रही पाती
(ii)पीड़ा चुभन की

4.नवीन कुमार भट्ट

(i)आओ मिलके गीत लिखें

हाइकु


1. महेन्द्र देवांगन "माटी" -

(i)बेटी

2. प्रजापति गुरुदेव -

(i)जलती धूप...

3. सुरंगमा यादव -

(i)ठूँठ हूँ अभी



दोहे


बच्चों का कोना



आलेख, कहानियाँ, व्यंग्य, इत्यादि
लघुकथायें


1.अर्चना ठाकुर -

(i)मरने वाला आदमी

2.राजीव कुमार -

(i)अपना काम सबसे आसान
(ii)डाइनिंग टेबल

3.सरिता सुराना -

(i)उतरन

4.डाॅ. शशि तिवारी -

(i)बेशर्मी का भोग

5.सुशांत सुप्रिय -

(i)रात

6.सुशील कुमार शर्मा -

(i)सुनहरा भविष्य
पुस्तक समीक्षा


1.डॉ॰ बिभा कुमारी


(i)अपनी धरती से प्यार कर

2.गुलाब चंद पटेल

(i) खोजना होगा अमत कलश

3.डा. सुरेन्द्र वर्मा -

(i)ताांका की महक (ताांका सांकलन)

कहानियाँ


1.अरुण कान्त शुक्ला -

(i)रामकिशोर भट्ट

2.जयति जैन "नूतन" -

(i)पुत्रमोह

हास्य-नाटक


1.दिनेश चन्द्र पुरोहित -

(i)"दबिस्तान-ए-सियासत"(अंक दो)


व्यंग्य


1.कृष्ण कुमार यादव
-

(i)सात जन्मों तक इनकमिंग फ्री

धारावाहिक उपन्यास


1. प्रबोध गोविल -

(i)पढ़ें प्रबोध गोविल का
 धारावाहिक उपन्यास 'अकाब'(अंक दो)

(ii) प्रबोध गोविल का उपन्यास
 जल तू जलाल तू


आलेख

1.आकांक्षा यादव -

(i) विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष

2. तारकेश कुमार ओझा -

(i)वाह कोलकाता. आह कोलकाता .!!

अनूदित साहित्य


1.डॉ०अनिल चड्डा -

(...गतांक से)डॉ० रिक लिंडल द्वारा
रचित अंग्रेजी पुस्तक
'The Purpose' का
डॉ० अनिल चड्डा
द्वारा हिंदी अनुवाद
- पढ़ें "अध्याय 7"[भय और उत्सुकता]


2.सुशांत सुप्रिय -

(i)अर्नेस्ट हेमिंग्वे की कहानी
 का हिंदी अनुवाद


पुस्तकें
1.डॉ०अनिल चड्डा

होनहार हैं हम बच्चे:
भविष्य की धरोहर हम बच्चे
(बच्चों की कवितायेँ)







मन की बातें जग भी जाने

कुछ ज्ञात कुछ अज्ञात
(कविता संग्रह)


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