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साहित्यसुधा
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साहित्य की रचनास्थली


वर्ष: 2, अंक 27, दिसम्बर(द्वितीय), 2017

लेखक या सम्पादक की लिखित अनुमति के बिना पूर्ण या आंशिक रचनाओं का पुनर्प्रकाशन वर्जित है। लेखक के विचारों के साथ सम्पादक का सहमत या असहमत होना आवश्यक नहीं।  सर्वाधिकार सुरक्षित। साहित्यसुधा में प्रकाशित रचनाओं में विचार लेखक के अपने हैं और साहित्यसुधा टीम का उनसे सहमत होना अनिवार्य नहीं है।

साहित्यसुधा एक सम्पूर्णतः साहित्यिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य सभी रचनाकारों को प्रोत्साहित करके हिंदी को बढ़ावा  देना है | इसके माध्यम से हिंदी साहित्य की सभी विधाओं को सम्मिलित करने का प्रयास किया जाएगा। साहित्यसुधा

सम्पादक:- डॉ०अनिल चड्डा

जानें अपनी प्रसन्नता को कैसे बढायें -
पढ़ें डॉ० अशकान फरहादी द्वारा रचित एवँ डॉ० अनिल चड्डा एवँ अन्य द्वारा अनुवादित पुस्तक
"प्रसन्नता का विकास"

सम्पादक की ओर से


"फिर भी मैं बहुत अकेला था!"

फूटा था मैं अंकुर बन कर, एक नवप्रभात की चाह लिये,
धरती के बंधन तोड़ सभी, स्वच्छन्द विचरण की चाह लिये ।
कुछ-कुछ था भला लगा मुझको, सूरज की किरणें थीं लगीं भली ,
दिन जैसे-जैसे चढ़ता गया, था लगा कि जैसे आग जली ।
सिर छुपा लिया मैंने डर कर, अपनी जननी की गोद में था,
जब रात अंधेरी गहराई, मैं सोया मीठी नींद में था ।
अगले दिन वैसा ही होना था, कुछ पाना था, कुछ खोना था,
हँसने को, खुशियाँ पाने को, मुझको थोड़ा तो रोना था ।
मेरी जननी मेरा सम्बल थी, जड़ को उसने मेरी सींचा था,
पर फैला, आसमान छूना, मैंने उससे ही सीखा था ।
कद जैसे-जैसे बढ़ता गया, जड़ गहरी मेरी होती गई,
पर ऊँचाईयों के साथ-साथ, धरती से दूरी बढ़ती गई ।
इतना ऊँचा, इतना फैला था वृक्ष मेरी आकांक्षा का,
सब पाने को स्वयँ भार से ही, था झुका लिया सबसे नीचा ।
कुछ सत्य-बोध, कुछ ज्ञान-बोध, भीतर ही भीतर मैं टूटा था,
था जुड़ा अभी तक जिससे मैं, सब नकली था, सब झूठा था ।
जीवन की अंधी दौड़ में, मैंने मुझको ही जकड़ा था,
इस भीड़-भाड़ के दौर में, अपना ही पथ मैं भटका था ।
उठते-गिरते, रुकते-चलते, मैं उस पड़ाव पर पहुँचा था,
सब अपना था, सब मेरा था, फिर भी मैं बहुत अकेला था ।

     - डॉ० अनिल चड्डा
अब तक.......


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बच्चों का कोना|

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इस अंक में
कवितायेँ


1.अमरेश सिंह भदोरिया -

(i)भ्रष्टाचार की वैतरणी
(ii)गाँव - पहले वाली बात
(iii)पीड़ा को नित
  सन्दर्भ नए मिलते हैँ


2.डॉ०अनिल चड्डा
-

(i)बंधु!

3.अर्विना गहलोत -

(i)दायित्वों की थकन
(ii)दिल पे झुर्रियां नहीं पड़ती
(iii)अभिमंत्रित करती है

4.अशोक दर्द -

(i)अग्निगीत
(ii)मेरी उदासी का सबब

5.हरदीप सभरवाल-

(i)डर
(ii)हवा का रूख
(iii)कहर बरपना

6.हरिहर झा -

(i)जलन से उग जाते डंख
(ii)कैसे हो मेरे बिछुड़े मित्र

7.कंचन अपराजिता -

(i)मिलन
(ii)प्रतीक्षा

8.लक्ष्मी नारायण गुप्ता -

(i)स्वागत की तैयारी
(ii)तोता मैना

9. मोती प्रसाद साहू -

(i)अनासक्ति
(ii)हिम

10.नरेन्द्र कुमार आर्य -

(i)कौतूहल की हवाई सवारी
(ii)मिमयाते मायनों भरी एक सुबह
(iii)सिर्फ़ एक पत्थर ?

11.नरेश गुज्जर -

(i)भिखारिन
12.डाॅं श्रीमती नीना छिब्बर -

(i)इंसान की चाह
(ii)माँ का कुल संसार
(iii)सीख

13.निकेश कुमार -

(i)एक कविता आज भी
(ii)फूल और काांटा
  (एक लव स्टोरी)

(iii)तुम

.....कवितायेँ

14.डॉ. राधिका गुलेरी भारद्वाज -

(i)जीवन अजब कहानी

15.संतोष कुमार वर्मा -

(i)हमें बदलना होगा
(ii)खिलौना
(iii)हमें बदलना होगा

16.डॉ. शंकर मुनि राय -

(i)क्या बतलाएं बाबूजी !

17.शुचि 'भवि' -

(i)बस तुम्हें छोड़ कर.....

18. सुशील कुमार शर्मा -

(i)सुनो हे अर्द्धांगिनी
(ii)भारत पुत्र
(iii)वो काली रात

ग़ज़लें

1.अमरेश सिंह भदोरिया -

(i)गुमनाम रिश्ते
(ii)शर्तों में

2.डॉ०अनिल चड्डा
-

(i)सजाओ न बारात

2.अनिरुद्ध सिन्हा -

(i)चल दिए वो सभी
(ii)कट जाती है
(iii)मुस्कुरा देंगे

3.डाॅ. कौशल किशोर श्रीवास्तव -

(i)बहुत है
(ii)दी नहीं जाती
(iii)हो जाऊं

4.डाॅं श्रीमती नीना छिब्बर -

(i)कैसे?

5.शुचि 'भवि' -

(i)धीरज क्यों खोता है
(ii)प्यार ही बुनियाद है
(iii)सॉरी कहते हैं

लघुकथायें


1.कमला घटाऔरा -

(i)सूझ

2. श्रद्धा मिश्रा -

(i)आजाद भविष्य

3.शुचि 'भवि' -

(i)प्रीति



हाइकु





छंद


1. सुशील कुमार शर्मा -

(i)छन्द-लीला

दोहे


1.शुचि 'भवि' -

(i)दोहे

हास्य-नाटक


1.दिनेश चन्द्र पुरोहित -

(i)खडं ६ - बकरा मन्नत का


बच्चों का कोना


1.डॉ०अनिल चड्डा
-

(i)आलू-गोभी का वार्तालाप

2. डॉ. प्रमोद सोनवानी ‘पुष्प’ -

(i)हमको आगे बढ़ना है
(ii)जाड़ा आया
(iii)नई पहचान

आलेख

1.अजय कुमार दुबे -

(i)अजय कुमार दुबे

2.डॉ०अनिल चड्डा
-

(i)मूल्य फिर बदलेंगे

3.दिनेश चन्द्र पुरोहित -

(i)इंसानियत का पैगाम


4.डाॅ. कौशल किशोर श्रीवास्तव -

(i)रामायण के अनछुये पहलू

5.मोनिका मीना -

(i)आदिवासी साहित्य की अवधारणा

6. सुशील कुमार शर्मा -

(i)हे नदी तुम मत मरो
गीत


1.अशोक दर्द -

(i)नेता जी तोरे द्वारे खड़ा ..........

पुस्तक समीक्षा



व्यंग्य

1.अमरेश सिंह भदोरिया -

(i)व्यंग कविता -
शाम ढ़ले मधुशाला



कहानियाँ


1.नरेश गुज्जर -

(i)पुरानी सइकिल

2.डाॅ0 शुभा श्रीवास्तव -

(i)सजा

अनूदित साहित्य


1.डॉ०अनिल चड्डा -

(...पिछले अंक से)डॉ० रिक लिंडल द्वारा
रचित अंग्रेजी पुस्तक
'The Purpose' का
डॉ० अनिल चड्डा
द्वारा हिंदी अनुवाद
(पढ़ें "अध्याय 4 -
" ब्रह्माण्ड का विकास ")


2. डॉ. रजनीकांत शाह -

(i)पद्मश्री डॉ.गुणवंतभाई शाह के लेख
"इन्सान की जरूरतें:आहार, आवास,
आवरण और आनंद तथा आदमी
का"
  हिंदी में अनुवाद

ब्लॉग

1.डॉ०अनिल चड्डा -
(क)प्रेम अनुभूतियाँ
(ख)अनिल चड्डा ब्लॉग
2. शोभा जैन -
(क)शोभा जैन ब्लॉग्स

3. सुनील गज्ज़ानी-
(क)सुनील गज्जानी ब्लॉग्स

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