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गज़लें

14 सितम्बर, 2016
विलास पंडित -टूट गया है हर इक रिश्ता   ये बातों ही बातों में क्या कह गए हम  

अक्टूबर, 2016
1. डॉ०अनिल चड्डा -ग़मों की फेहरिस्त  2.सीमा शर्मा मेरठी -आसमां भी पुकारता है  

नवम्बर, 2016
1.डॉ० अनिल चड्डा -मैं तो वही हूँ   2.अशोक अंजुम -अब के आफ़त ऐसी बरसी   बात बिगड़ी....   वफ़ाएँ लड़खड़ाती हैं 3.जया नर्गिस -ऐसे खो जाऊँ    किस तरह आंसू संभालूं अंखड़ियों में   4.डॉ०प्रखर दीक्षित -ग़ज़ल जब जब लिखी रुखसार की    5.प्रखर मालवीय -मैं न सोया रात सारी    6.राजेश श्रीवास्तव -अब गदहे भी घोड़े कहलाने लगे है   

दिसम्बर, 2016
1.अनंत आलोक - अब सलामत हमें अपना घर चाहिए,   न इसकी माँ न उसकी माँ,   सब्जियों की हाट पर    2.डॉ० अनिल चड्डा - हमारी साफगोई को दिल्लगी समझ लिया,   मन का गुब्बार निकल जाये तो कुछ बात करें,   वही जुबां इधर है, वही जुबां उधर है   3.मंजीत कौर "मीत" - ये अम्बर पे छाई जो काली घटाएँ   
4.सुनील कुमार लोहमरोड़ ‘सोनू’ - ज़िन्दगी में वही सिलसिला छोड़कर    5.एस. पी. सुधेश -ए मेरे दिल तुझे हुआ क्या है   

जनवरी, 2017
1.अनंत आलोक - आँख में शोले दिल में अगन चाहिए!,   जमाना भूल न पाए....    2.डॉ० अनिल चड्डा - आदत से बन गये हैं...,   खुदा ने भी अजब तमाशा किया ,   क्यों छूट गया मुझसे मेरा काफिला   

फ़रवरी, 2017
1.आचार्य बलवंत - 1.मेरे मेहबूब 2.डॉ० अनिल चड्डा - 1.अकेले भी खुद हैं,   2.फूलों की मानिंद हम तो खिले हैं,   3.ख़ुदा ने भी अजब तमाशा किया    3.राजेन्द्र वर्मा - 1.आदमी ख़ुश हो रहा... ,   2.अमीरी मेरे घर आकर...   3.जीतने संसार निकले... 4.विश्वम्भर व्यग्र - 1.पुराने नोट

मार्च, 2017
डॉ० अनिल चड्डा - 1.ख्वाहिशें अपनी भी थी ,   2.क्यों छूट गया , 3.मोहब्बत में जुदाई    राजेन्द्र वर्मा - - 1.सत्य-निष्ठा के सतत् अभ्यास में ,   2.वे पराजित हो कर घर गये   

अप्रैल, 2017
1.डॉ० अनिल चड्डा - (i)तेरी तस्वीर देखने को ,   (ii)तेरी यादें 2.राकेश जोशी - - (i)धरती के जिस...,   (ii)हर नदी के पास... ,  (iii)जो इस कोने में आओ....
  

अप्रैल(द्वितीय), 2017
1.डॉ० अनिल चड्डा - (i)खोजता रहा खुद ही को मैं,   (ii)कितना दर्द दिखाऊँ 2.विश्वम्भर व्यग्र - (i)जब कोई मुझको बनाता है म़जा आता है,   (ii)जो करते थे बुराई उनकी चौराहों पर

मई(प्रथम), 2017
1.डॉ० अनिल चड्डा - (i)इसी लिए तो मुस्कराता हूँ मैं,   (ii)मेरा ख़त पढ़ कर भी क्या करोगे (iii)तुम्हारी तरह अगर भूल पाता मैं 2.पुरु मालव - (i)दिन गुजरने दो, शाम ढलने दो,   (ii)मुश्किलों ने सर उठाये भी बहुत, (iii)तुम्हीं तो नहीं चोट खाये हुए

मई(द्वितीय), 2017
1.डॉ० अनिल चड्डा - (i)कब तक गमों का बोझ उठाऊँ ,   (ii)तुम रोज ही मिलने आते

जून(प्रथम), 2017
1.डॉ० अनिल चड्डा - (i)ग़र बात होती तो मन की कह लेते , (ii)गुजरा जमाना ..., 3.कहाँ आगाज होना था...2.अशोक अंजुम - (i)हवा - पानी की साजिश ...(ii)निकली है आज ...

जून(द्वितीय), 2017
1.डॉ० अनिल चड्डा -(i)नाखुश रहने की आदत

जुलाई(प्रथम), 2017
1.डॉ० अनिल चड्डा (i)जो नहीँ मिला, सो नहीँ मिला (ii)तुम्हारे बिना (iii)तुमको तो मैं माफ करूँ2.गुलाब जैन (i)बेकस दिल ने आख़िर ये माना (ii)ग़म की चादर ओढ़ दिल बहला रहा हूँ 3. सुशील कुमार शर्मा (i)बुंदेली ग़ज़ल-2

जुलाई(द्वितीय), 2017
1.डॉ० अनिल चड्डा (i)अकेले भी खुद हैं (ii)यूँ ही सहन करता जाऊं!! 2. सुशील कुमार शर्मा (i)बुंदेली ग़ज़ल-3

अगस्त(प्रथम), 2017
1.डॉ० अनिल चड्डा (i)हम से ही तो तुम हो यहाँ 2. सुशील कुमार शर्मा - (i)खुद से रूबरू हो गए

अगस्त(द्वितीय), 2017
1.डॉ० अनिल चड्डा (i)दिल ने कभी माननी न थी (ii) जल्दी है क्यों 2. अशोक 'अंजुम ' (i)आँगन की दीवार अलग (ii)बेखबर मिट्टी (iii)चिड़िया 3. देवमणि पांडेय (i)बदली निगाहें वक़्त की (ii)ख़ुशबुओं की शाल (iii)टूट गई है लय जीवन की 4. सुशील यादव (i)बदनाम 'सुशील' बुरा हो जाता.... (ii)अहसास ....! 5.सुशील कुमार शर्मा (i)सब कुछ तेरे आने से बदल जाता है

सितम्बर(प्रथम), 2017

1.डॉ० अनिल चड्डा (i)भ्रम मनों में पाले बैठे हैं (ii) इतना आसाँ नहीं है भूल पाना 2. अशोक 'अंजुम ' (i)झिलमिल-झिलमिल... 3. देवमणि पांडेय (i)परवाज़ की तलब है .. (ii)वक़्त के साँचे में .. 4. प्राण शर्मा (i)उड़ते हैं हज़ारो आकाश में पंछी 5.सुशील कुमार शर्मा (i)एक आवाज़ (ii)सरहदें6.धर्मेन्द्र अरोड़ा "मुसाफ़िर (i)मैने चाहा जिसे टूटकर

सितम्बर(द्वितीय), 2017

1.डॉ० अनिल चड्डा (i) मज़ा उसी में आने लगा (ii) मैंने क्या गुनाह किया (iii)मेरी यादों में वो धर कर गए 2. धर्मेन्द्र अरोड़ा "मुसाफ़िर (i)ज़बान का जो खरा नहीं है! 3. ललित प्रताप सिंह (i)रूठकर क्यूं हमसें जाने लगे 4. राकेश कुमार श्रीवास्तव (i)हम भी हैं आपके (ii)सच कहने पर कहाँ भलाई होती है 5.सुशील कुमार शर्मा (i)मुझे मंजूर नहीं (ii)तेरे दीदार को....

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