Sahityasudha view
साहित्यकारों की वेबपत्रिका
मुखपृष्ठ


साहित्यकारों की रचना स्थली

वर्ष: 3, अंक 45, सितम्बर(द्वितीय) , 2018



अच्छा स्वास्थ्य


महेन्द्र देवांगन माटी


 
अगर रहना चाहते हो स्वस्थ, आसपास को रखो स्वच्छ ।
मैला कुचैला पास न फेंको, आजू बाजू सबको देखो ।
भोजन पानी ढककर रखो, बासी खाना कभी न चखो ।
ताजा ताजा सब्जी लाओ, हाथ मुंह को धोकर खाओ ।
गंदे पानी कभी न पीओ, फिर तो हजारों साल तक जीओ ।
गांव गली को रखो साफ, रहे स्वस्थ बच्चे मां बाप ।
मक्खी मच्छर का न हो पड़ाव, करते रहो डी डी टी का छिड़काव ।
चारों तरफ हो स्वच्छ परिवेश, भागे बिमारी मिटे क्लेश ।
आसपास में पेड़ लगाओ, शुद्ध ताजा हवा पाओ ।
अच्छे स्वास्थ्य की यही कहानी, सात्विक जीवन निर्मल पानी।
 	  

कृपया रचनाकार को मेल भेज कर अपने विचारों से अवगत करायें