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वर्ष: 3, अंक 45, सितम्बर(द्वितीय) , 2018



सब सूना हो जाएगा


गरिमा


 
कब कौन हमे डाँटेगा , अब कौन हमे समझायेगा ।।
आपके बिना ये स्कूल , सूना-सूना हो जाएगा ।।
सूना हो जाएगा ।।

कैसे ये घड़ी है आई , आज है आपकी  विदाई ।।
जब से ये सुनी है ख़बर , आंखे सबकी है भर आईं ।।
अब कौन हमें अच्छी - अच्छी बातें बतायेगा ।।
आपके बिना ये स्कूल , सूना हो जाएगा 
सूना हो जाएगा ।।

नए मुक़ाम आप चढ़े , सदा आगे ही बढ़े ।।
चाहें आज हो या वो कल खुशियां मिले आपको हरपल, 
आपका हर एक कार्य सबका हौसला बढ़ाएगा ।।
आपके बिना ये स्कूल , सूना हो जाएगा 
सूना हो जाएगा ।।

है विदाई तो ये रीत , पर कम न होगी प्रीत ।।
जब भी आये हमारी याद , भेज देना एक फरियाद 
पूरा स्कूल ये दौड़ा - दौड़ा चला आएगा ।।
आपके बिना ये स्कूल , सूना हो जाएगा 
सूना हो जाएगा ।।
 

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