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वर्ष: 3, अंक 44, सितम्बर(प्रथम) , 2018



ओमप्रकाश क्षत्रिय को नेपाल में मिला अंतरराष्ट्रीय साहित्य सम्मान सहित *तीन सम्मान*


काठमांडू (नेपाल): क्रान्तिधरा साहित्य अकादमी, भारतीय राजदूतावास नेपाल -भारत सहयोग मंच एवम नेपाल से प्रकाशित एक मात्र हिंदी पत्रिका "हिमालिनी", द्वारा डॉ विजय पंडित के संयोजन में नेपाल की आर्थिक नगरी बीरगंज में आयोजित तीन दिवसीय "नेपाल-भारत साहित्य महोत्सव -2018" का आयोजन 12, 13,14 अगस्त को हुआ. प्रथम दिवस का आयोजन हेटौडा अकादमी आवासीय माध्यमिक विद्यालय शहीद स्मारक, नवलपुर ( हेटौडा) मकवानपुर नेपाल में आयोजित किया गया. जहां विद्यालयीन गतिविधि, सांस्कृतिक व साहित्यिक कार्यकर्म आयोजित किया गया. जिस में उद्योगपति साहित्यकार अरुण सुमार्गी जी व संस्था के प्राचार्य बहादुर गार्गी और संरक्षक अजयराज सुमार्गी द्वारा *ओमप्रकाश क्षत्रिय "प्रकाश"* शिक्षक व बालसाहित्यकार को उपरणा, प्रतिक चिन्ह और *द्विभाषीय सम्मानपत्र* दे प्रदान कर सम्मानित किया.

दूसरे व तीसरे दिन का नेपाल की व्यापारिक नगरी बीरगंज में असयोजित किया गया था. इस आयोजन में मुख्य अतिथि नेपाल प्रान्त 2 के मुख्यमंत्री लालबाबू राउत गद्दी , विशिष्ठ अतिथि ग्रीन केयर सोसायटी,भारत के विजय पंडित, भारतीय महावाणिज्य दूतावास प्रमुख विजय प्रधान,हिमालिनी के सपादक सच्चिदानन्द मिश्र उपस्थित रहे. आचार्य महाश्रमण की विदुषी शिष्या डॉ चारित्र प्रभा जी का विशेष सानिध्य प्राप्त हुआ. जिस में क्षत्रिय को *नेपाल भारत साहित्य सेतु सम्मान-2018* मुख्यमंत्री द्वारा हस्ताक्षरित सम्मानपत्र प्राप्त हुआ.

तीसरे दिन का के कार्यक्रम में भारत- नेपाल के शब्द शिल्पियों, पर्यारण संरक्षण कार्यकर्ताओं द्वारा साहित्यिक परिचर्चा, कवि सम्मेलन, संवाद, पौधरोपण, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवम साहित्यकारों का सम्मान आदि कार्यक्रम आयोजित किये गए. इस सत्र में हुए रतनगढ़ (नीमच) मध्यप्रदेश , भारत के सुपरिचित शिक्षक बालसाहित्यकार ओमप्रकाश क्षत्रिय 'प्रकाश' को उन की महनीय साहित्य सेवाओं, उत्कृष्ठ सृजन केे लिए *"नेपाल - भारत अंतरराष्ट्रीय साहित्य सम्मान-2018 "* प्रदान कर सम्मानित किया गया.

इस अवसर पर ओशो- शून्य के पर के अंक का लोकार्पण भी मंचस्थ अतिथियों द्वारा किया गया. क्षत्रिय ने अपने कहानी संकलन 'कुएं को बुखार' की प्रति नेपाल राज्य-2 के मुख्यमंत्री माननीय लालबाबू राऊत गद्दी को भेंट स्वरूप प्रदान की. क्षत्रिय को नेपाल में मिले इन सम्मानों के लिए साहित्यकारों, मित्रो ने प्रशंसा व्यक्त करते हुए बधाई दी.

काठमांडू यात्रा के दौरान वहां की दीपश्री क्रीएशन अवम शब्द संयोजन पत्रिका के संयुक्त तत्वाधान में ' खोजना होगा अमृत कलश' की नेपाली में अनूदित पुस्तक की आयोजित परिचर्चा में भाग ले कर *मंचस्थ अतिथि के रूप में सम्मान* प्राप्त किया.


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