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वर्ष: 3, अंक 44, सितम्बर(प्रथम) , 2018



राखी की मिठास


गरिमा


                         
आया राखी  त्यौहार
छाया हर तरफ उल्लास
सभी बहनें हाथ में लेकर
तैयार है भाई को बांधने के लिए
नग लगी राखी,
या हो रेशम की डोरी
प्यार और स्नेह से
भाई के मस्तक पर रोली लगाती
अपने जीवन  को बचाने का प्रण लेती हुई
पर आज वो दिन है  कहा
सब व्यस्त है अपने जीवन में
भाई बहन का प्यार  है अनमोल,
भाई चाहे जितनी दूर हो
 बहन  उसके लिए मंगलकामना करती है
राखी का  त्यौहार है बहुत प्यारा
सभी भाई को यही है मेरी सलाह
 बहन को बहन की तरह प्यार करे
उनका सम्मान करे
 

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