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वर्ष: 3, अंक 44, सितम्बर(प्रथम) , 2018



रक्षा बंधन हाइकु


प्रिया देवांगन "प्रियू"


     
  
१.
रेशम सूत्र रिश्ते में बाँध रहा प्रेम अटूट |
२.
बंधन न्यारा मन के विश्वास का है सिरमोर |
३.
रक्षा के धागे नेह से भीगे सारे मिश्री–लजाएँ |
४.
सैनिक भाई भोर की लाली,तुम्हें भेजे बधाई !
५.
पावन नेह बंधन है अटूट और न दूजा |
६.
रिश्ते की डोर रेशमी सतरंगी है अनमोल |
७.
ओ !शान्ति दूत देना राखी औ टीका भाई के हाथ |

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