Sahityasudha view
साहित्यकारों की वेबपत्रिका
मुखपृष्ठ


साहित्यकारों की रचना स्थली

वर्ष: 3, अंक 46, अक्टूबर(प्रथम) , 2018



डिजिटल क्रान्ति के युग में बढ़ रहा हिन्दी का दायरा - डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव
हिंदी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल ही इसका असली सम्मान है - डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव


सृजन एवं अभिव्यक्ति की दृष्टि से हिंदी दुनिया की अग्रणी भाषाओं में से एक है। हिन्दी सिर्फ एक भाषा ही नहीं बल्कि हम सबकी पहचान है, यह हर हिंदुस्तानी का हृदय है। हिन्दी को राष्ट्रभाषा किसी सत्ता ने नहीं बनाया, बल्कि भारतीय भाषाओं और बोलियों के बीच संपर्क भाषा के रूप में जनता ने इसे चुना। उक्त उद्गार लखनऊ (मुख्यालय) परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं और चर्चित साहित्यकार व ब्लॉगर श्री कृष्ण कुमार यादव ने पोस्टमास्टर जनरल, लखनऊ (मुख्यालय), उत्तर प्रदेश कार्यालय में हिंदी पखवाड़ा के समापन और सम्मान समारोह में व्यक्त किये। डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि हिंदी सदैव से ही गतिशील एवं ग्रहणशील भाषा रही है। इसीलिए भारत के संविधान में हिंदी को देश की सामासिक संस्कृति की अभिव्यक्ति का माध्यम बनाने की परिकल्पना की गई। हिंदी को आधुनिक भाषा के रूप में पूरी तरह समर्थ बनाना हम सबका युगीन दायित्व है।

निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि हिन्दी में विश्व भाषा बनने की क्षमता है। हिन्दी आज सिर्फ साहित्य और बोलचाल की ही भाषा नहीं, बल्कि विज्ञान-प्रौद्योगिकी से लेकर संचार-क्रांति और सूचना-प्रौद्योगिकी से लेकरव्यापार की भाषा भी बनने की ओर अग्रसर है। श्री यादव ने कहा कि डिजिटल क्रान्ति के इस युग में वेबसाइट्स, ब्लॉग और फेसबुक व टविटर जैसे सोशल मीडिया ने तो हिन्दी का दायरा और भी बढ़ा दिया है। विश्व भर में हिन्दी बोलने वाले50 करोड़ तो इसे समझने वालों की संख्या 80 करोड़ है। विश्व के लगभग 150 विश्वविद्यालयों में हिन्दी पढ़ाई जाती है, जो कि हिन्दी की बढ़ती लोकप्रियता का परिचायक है।

सहायक निदेशक (राजभाषा) आर. एन. यादव ने कहा कि संविधान में वर्णित सभी प्रांतीय भाषाओं का पूर्ण आदर करते हुए इस विशाल बहुभाषी राष्ट्र को एक सूत्र में बांधने में भी हिन्दी की एक महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में हिन्दी भाषा के प्रयोग पर हमें गर्व महसूस करना चाहिए। सहायक निदेशक आर. के मिश्र ने कहा कि ने कहा कि हिंदी पूरे देश को जोड़ने वाली भाषा है और सरकारी कामकाज में भी इसे बहुतायत में अपनाया जाना चाहिये। सहायक निदेशक भोला शाह और ओम प्रकाश चौहान सहित तमाम अधिकारियों-कर्मचारियों ने भी अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम का संचालन राजभाषा सहायक डॉ. जेके अवस्थी ने किया।

इसी क्रम में हिंदी पखवाड़ा के दौरान मुख्य पोस्टमास्टर जनरल कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के विजेताओं को निदेशक डाक सेवाएं श्री कृष्ण कुमार यादव ने नकद राशि और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। निबंध लेखन प्रतियोगिता अधिकारी वर्ग में रोहिताश्व बाजपेई, अर्चना झा, निबंध लेखन प्रतियोगिता कर्मचारी वर्ग में में राम किशोर तिवारी, सुमन देवी, अर्पना वर्मा और अनुवाद एवं शब्द ज्ञान प्रतियोगिता में ऋषभ गुप्ता, मीनाक्षी जायसवाल, सारिका अवस्थी को क्रमश: प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। राजभाषा हिंदी में सर्वोत्तम कार्य करने वाले पुष्पलता श्रीवास्तव, जुबैर इक़बाल, मीरा गोधवानी, दीक्षा यादव व लाल बहादुर यादव को नकद पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया।

-आर. एन. यादव
सहायक निदेशक (राजभाषा)
कार्यालय-पोस्टमास्टर जनरल,लखनऊ, उप्र-226001