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वर्ष: 3, अंक 46, अक्टूबर(प्रथम) , 2018



हाइकु


अशोक कुमार ढोरिया


  
1.
ढूंढों उपाय रोग है भयानक भ्रष्टाचार का
2.
लापरवाही बनती अव्यवस्था विनाशकारी
3.
रिश्वत देना अपराध होता है रिश्वत लेना
4.
क्यों सूरा पान लोग गवांए जान जागो श्रीमान
5.
अपनी कहें एक दूजे की सुने संग बैठ के
6.
माता व पिता जिम्मेदार दोनों ही भ्रूण हत्या में
7.
खा कर तम्बाकू मौत को हैं बुलाते अपने आप
8.
खोया ईमान वापिस नहीं आता बीता इंसान
9.
घबराती है जाँच पड़ताल से झूठी लेखनी
11.
सादा जीवन आदर्श व चरित्र सबसे पवित्र

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