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वर्ष: 3, अंक 48, नवम्बर(प्रथम) , 2018



ठंड का मौसम


प्रिया देवांगन " प्रियू"


    
ठंड का मौसम आया है ।
साल और स्वेटर लाया है।।

बिस्तर से न उतरे हम।
चादर  रजाई ओढे हम।।

सबको धूप का है  इंतजार ।
कहा गये  सब पंछी यार।।

किट किट करते दांत सभी का।
आंख न खुले सुबह किसी का।।

गरम पानी जी  सबको भाये।
ठंड़ा कोई हाथ न लगाये ।।

दादी अम्मा आती है।
चूल्हे को जलाती है।।

सभी सेंकते अपने हाथ ।
मिलजुल कर रहते साथ ।।
 

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