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Sahityasudha
वर्ष: 3, अंक 61, मई(द्वितीय), 2019

एक बच्चे ने आसमान को छू लिया

डॉ गुलाब चंद पटेल

छोटे से गांव में एक बच्चा अपने पिताजी के चाय के स्टॉल पर मदद करने लगा। उसके पिताजी के पास जमीन या अच्छा मकान भी नहीं था। हिरेन बहुत मेहनतकश इंसान के रूप में उभर कर आया। उसकी शादी एक टीचर के साथ की गई थी लेकिन उससे बनती नहीं थी। वही बच्चा बड़ा होकर इंद्र के नाम से जाना जाता है। एक दिन उसने घर छोड़ दिया और कहीं दूर चला गया। दुनिया के सभी अनुभव का भाथा बटोर लिया। उसने धीरे धीरे एक राष्ट्रीय संस्था में अपनी जगह बना ली।

उसके नसीब मे राज तिलक लिखा था। वो जिस राजकीय पक्ष से जुड़ा हुआ था उसने इंद्र को किसी राज्य में मुख्य मंत्री के पद पर नियुक्‍त किया। उसने सफलता हासिल की और राज्य का विकास किया जो देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रीयों और पबलिक को भी पसंद आया। जब देश में संसद सभा का चुनाव आया तब इंद्र के राज्य का मॉडल अच्छा होने से इंद्र को प्रधान मंत्री के रूप में आगे बढ़ाया गया। एक नई सफलता कड़ी मेहनत से प्राप्त हुई। सोचा भी नहीं था वो एक दिन देश का प्रधान मंत्री बनकर आसमान को छू लेगा। उसने विश्व के विभिन्न देशों से मुलाकात की। अपना नाम पूरे विश्व में रोशन किया। देश के सभी राज्यों में विकास की ज्योति जलाई। देश कमल के फूल की तरह खिल उठा।

उसने अपने परिवार की परवाह नहीं की और रात दिन देश सेवा में लगा दिया, अपने परिवार को अपने पद का कोई लाभ नहीं पहुंचाया, देश तेजी से आगे निकल गया, विश्व में देश को एक नई पहचान दिलाई, वो अपनी माँ को भी अपने घर छोड़ आया था, लेकिन जभी मौका मिले तब माँ के आशीर्वाद के लिए माँ के पास पहुँच जाता, ऎसा प्रधान देश को मिलने से देश बहुत आगे बढ़ गया, लोग

इंद्र को लोग बहुत पसंद करते हैं। एक चाय बेचने वाला बच्चा प्रधान मंत्री के पद पर पहुँच गया। अपने देश में आतंकवाद से निपटने के लिए अपनी तरकीब अपनाई। आतंक को पैदा करने वाले देश को दुनिया के देशों के सामने नंगा कर दिया। देश सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया!


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