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वर्ष: 3, अंक 56, मार्च(प्रथम) , 2019



सैनिक की आवाज


निशा नंदिनी


  
भारत माँ तेरे चरणों में 
शीश चढ़ाने आए हैं। 
हम अपनी माँ के लाल का
बदला लेने आए हैं।
समझा है तुमने हमको
हाड़ मांस के पुतले हम।
सीने हैं फौलादी अपने 
साँसो में माँ की सरगम।
हम वतन के,वतन हमारा
मन में यही एक नारा है। 
दुश्मन पर ऐसा वार करेगें।
यह हिन्दुस्तान हमारा है।
हम भारत के वीर शिवाजी 
हमसे से भारत का नाम है। 
हर सैनिक के तन में बसते
भारत के सुंदर प्राण है।
आ गया वो समय अब तो
अब हम न शांत बैठेंगे।  
गिन गिन कर बदला लेगें  
अंत सभी का हम करेगें।
तन मन में मूरत बसी है 
भारत माँ के शान की।
शीश चढ़ा कर भी करेंगे 
रक्षा उसके मान की।
कश्मीर माँ का अभिन्न अंग
मत इससे तुम खिलवाड़ करो।
हिम्मत हो तो आओ आगे 
चौड़ी छाती पर वार करो।
छोड़ दिया समझ के बच्चा
अब न छोड़ेंगे हर बार।
अब तो खींच घर से लायेंगे 
और करेंगे वार ही वार।
 

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