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वर्ष: 2, अंक 38, जून(प्रथम), 2018



विश्व पर्यावरण दिवस (5जून2018) पर विशेष
मुझे मत काटो


नरेंद्र श्रीवास्तव


 
वत्स!
मैंने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है?
जो मुझे काट रहे हो.

मेरा
पूरा जीवन
तुम्हारे लिये है

मेरी जड़ें
तुम्हें संकल्पों के लिये
अडिग रहना सिखाती हैं

मेरी शाखायें
तुम्हारी भुजाओं को
सदैव बलिष्ठ रहने की
प्रेरणा देती हैं

मेरी पत्तियां
तुम्हें
सदैव विकासशील रहने की
प्रेरणा देती हैं

मेरे फूल
तुम्हें
हर विषम स्थितियों में भी
सदैव मुस्कुराते रहने की
प्रेरणा देते हैं

मेरे फल
तुम्हें 
सदैव परहित में
समर्पित रहने की
प्रेरणा देते हैं

मेरी छाया
तुम्हें
सदैव विनम्र और शांत रहने की
प्रेरणा देती हैं

मैं
तुम्हारे नथुनों से
निकली
दूषित वायु को ग्रहण कर
बदले में
तुम्हें
प्राण वायु देता हूँ

मैं
तुम्हारी ही नहीं,वरन्
अन्य प्राणियों की भी सेवा में
समर्पित हूँ

मेरी
पर्यावरण में
विशेष भूमिका है

मेरा ये
अहम् नहीं
सिर्फ परिचय है

मैं
सेवा करना चाहता हूँ
मुझे
इस सेवा से
विमुख मत करो
मुझ पर रहम करो
मुझे मत काटो
वत्स
मुझे बख़्श दो.
                

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