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वर्ष: 2, अंक 38, जून(प्रथम), 2018



बात मेरी सुन जाओ बाबू


नरेंद्र श्रीवास्तव


 
बात मेरी सुन जाओ बाबू।
एक-दो पेड़ लगाओ बाबू।।

पर्वत,जंगल,नदी हमारे।
पर्यावरण बचाओ बाबू।।

पेड़ लगें तो फूल खिलेंगे।
देख फूल मुस्काओ बाबू।।

पेड़ लगें तो फल आयेंगे।
खाओ और खिलाओ बाबू।।

पेड़ों से फिर छाया होगी।
बैठ थकान मिटाओ बाबू।।

पेड़ों से शुद्ध वायु पाकर।
तन,मन स्वस्थ बनाओ बाबू।।

पेड़ों को नवजीवन देकर।
जीवन सुखद बनाओ बनाओ।।
             

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