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वर्ष: 2, अंक 38, जून(प्रथम), 2018



आओ मिलके गीत लिखें


नवीन कुमार भट्ट


 
आओ मिलके गीत लिखें,
मन की सारी प्रीत  लिखें।।
समय समय पर करके याद,
अपनी अपनी रीत लिखें।।
सुन्दरता की चोली पहनें,
सारी खुशियाँ मीत लिखें।।
कभी खुशी तो गम कभी,
कभी हार कभी जीत लिखें।।
नये दौर का नया तराना,
सदा नई हम  नीत लिखें।।
गर्मी की चादर ओढ़  कभी,
कभी भयानक शीत लिखें।।
नदियाँ जो कलरव करती,
झरनों पे नीर संगीत लिखें।।
सारी दुनिया की चहल पहल जब,
गुजरे तो अतीत लिखें।।
    

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