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वर्ष: 2, अंक 40, जुलाई(प्रथम), 2018



जैसी करो और वैसी भरो


चांदनी सेठी कोचर


एक बार राधे श्याम की घर की बिजली ख़राब हो गई , उसने अपने दोस्त बलदेव के बेटे राहुल को बिजली ठीक करवाने के बुलाया ! राधे श्याम और बलदेव बचपन के दोस्त थे, इसलिए राधे श्याम के एक बार बुलाने पर बलदेव अपने बेटे राहुल को लेकर राधे श्याम के घर आ गया ! क्योंकि राहुल बिजली का ही काम करता था, राहुल ने काम करना शुरू किया , तारो में आग लग चुकी थी , इसलिए काफी समय लगा राहुल को बिजली ठीक करने में लाग रहा था , तब तक राधे श्याम और बलदेव बैठ कर चाय पी रहे थे , और राहुल अपना काम कर रहा था !

राहुल को काम करते -करते दोपहर हो गयी थी ! राहुल सुबह से ही तारो को बदलने में लगा हुआ था ! काम खत्म होते ही वह राधे श्याम के पास गया और कहा :

" अंकल जी देख लीजिये , मैंने सारी तारो को बदल दिया है , अब आपको तकलीफ़ नहीं होगी "

राधे श्याम : " अच्छा किया बेटा , शुक्रिया। ....अच्छा कितने पैसे हुए "

राहुल : "अंकल जी १५०० रुपए हुये है "

राधे श्याम : "इतने ………………..यह तो बहुत ज्यादा है"

राहुल : "अंकल जी काम भी तो बहुत था , सारी तारो को बदलना पड़ा , सुबह से दोपहर हो गई है "

राधे श्याम : अरे बेटा , क्या बात करते हो १००० ले लो , घर की ही तो बात है , हम कोई बाहर के कोई है ! "

राहुल थोड़ा उदास हो गया , लेकिन पिता के सामने क्या बोलता , आखिर उसके पिता और राधे श्याम की दोस्ती बहुत पुरानी थी , इसलिए राहुल चुप रहे गया , और घर से बाहर निकल आया !

वही बाहर आकर राहुल देखता है, कि उसकी बाइक की गर्मी के वजह से हवा निकल गई थी , अब राहुल सोचने लगा , कि अब इतनी गर्मी में वह अपने पिता जी को घर कैसे लेकर जायेगा ! तभी उसने राधे श्याम की कार देखी , और उसने राधे श्याम से उसकी कार की चाबी मांगी , तभी राहुल के पिता जी ने उससे कहा बेटा तुम्हें अंकल की कार की चाबी क्यों चाहिए ?

"कुछ नहीं पिता जी , बाइक ख़राब है , तो घर कैसे जायेंगे , आखिर अंकल की कार भी तो हमारी ही है !


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