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वर्ष: 3, अंक 53, जनवरी(द्वितीय) , 2019



नया साल नयी आशा


गरिमा


                    
नया साल आया  है,
नयी आशा लाया है।
नए सपने मन को लुभा रहे है,
लगता है कुछ नया होने वाला है।
ठण्ड बढ़ती जा रही है,
चारो तरफ नए साल की धूम है।
अमीरो का नया साल मनता है होटलो में.
गरीबो का मनता है फुटपाथों पर।
नयी आशा यही है की दूरी मिट जाएगी,
नया साल नयी आशा लेकर आया है।
प्यार का रंग होगा देश में,
सबके चेहरे पर होगी ख़ुशी,
आने वाला साल लाये ख़ुशी अपार। 
ढेरो सौगात लाये हम डूब जाये उन खुशियों में,
नफरत की दीवार न रहे सबके बीच में,
नयी ऊर्जा का प्रकाश हो।
हर कोई मस्त हो नए साल में,
कोहरे में लिपटी जिंदगी,
नए साल का इंतजार कर रही है।
जिन्दगी हसीन हो यही कामना कर रहे हैं,
नया साल नया खुशियाँ लाया है।।

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