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वर्ष: 3, अंक 52, जनवरी(प्रथम) , 2019



ये जो पब्लिक है सब जानती है !


जयति जैन "नूतन”


जनता अब समझ चुकी है कि राम मंदिर बनवाना किसी भी सरकार के हाथ में नहीं है ! जब सुप्रीमकोर्ट आदेश देखा, हिन्दू मुस्लिम दोनों पक्ष इस मुद्दे पर चर्चा करेंगें तब जाकर मंदिर निर्माण हो सकेगा ! हम मंदिर बनवायेगें" अब जो नेता बोलेगा, जनता समझ जायेगी कि यह झूठ है ! जिन जिन नेताओं पर आरोप लगाए गए कि वह ऐसे हैं वह वैसे हैं, उन सभी को जनता ने झुठला दिया ! जनता ने कुछ गंभीर मुद्दे सामने रखे, उन्हें समझा और अपना वोट दिया! किसान, दलित, रोजगार आदि ऐसे मुद्दे हैं जिनपर अब जनता राजनीती समझ चुकी है ! भाजपा की ऐसी हालत वाकई बहुत ही विचारणीय है, आखिर जनता की सोच मोदी जी के प्रति क्या हो गई और क्यों ? राम मंदिर के नाम पर जिस देश की जनता ने हिन्दूप्रेमी सरकार को चुना, वह उसमें नाकाम रही ! कांग्रेस मिट्टी में मिल चुकी थी लेकिन इस बार मैदान में जोर शोर से आगे आयी। भले अंत में भाजपा जीती किसी राज्य में, लेकिन कांग्रेस की वापिसी जरूर हुई है और इसे नहीं झुठला सकते। कांग्रेस ने जनता के सामने वह मुद्दे लाकर रखे, जिनको लेकर भाजपा ने जीत हासिल की थी ! ये वह मुद्दे हैं जिनसे जनता करीब से जुड़ी हुई है और यही मुद्दे कांग्रेस की जीत का कारण बने ! पकौड़े तलो" यह एक ऐसा भाषण था जिसने जनता के एक बड़े शिक्षित वर्ग को सोचने पर मजबूर कर दिया, फिर सुप्रीम कोर्ट ने एससी-एसटी एक्ट को लेकर बिना जांच किए गिरफ्तारी का निर्णय दिया था जिसने सामान्य वर्ग को बहुत ठेस पहुंचाई" ये कुछ ऐसे विवादी मुद्दे बने, जिन्होंने वर्तमान सरकार के प्रति लोकप्रियता कम कर दी ! मोदी लहर जो 2014 में उठी थी, भारतवासियों पर भले लम्बे समय तक असर ना की हो लेकिन विदेशों पर उसका असर अब भी है ! यह बात विदेशों में बहुत प्रचलित है कि मोदी जी जैसा प्रधानमंत्री लम्बे समय बाद भारत को मिला है पर स्वयं भारत के लोगों की अब यह सोच बदल रही है ! जिसकी वजह हाल में ही उठे मुद्दे हैं, उत्तर प्रदेश की भी कुछ जनता योगी जी से रूठी है ! उत्तर प्रदेश के कई शहरों के नाम बदलने पर वहीं सोशल मीडिया पर खूब मजाक बनाया गया, क्यूंकि नाम बदलने से देश की स्थिति नहीं बदल सकती ! सबसे बड़ी बात यह है कि जनता के पास तीसरे विकल्प के तौर पर कोई सशक्त भारतीय राजनैतिक पार्टी नही। भाजपा के हारने के दो मुख्य कारण हो सकते हैं , पहला जब लोग किसी क्षेत्रीय नेता से नाराज होते हैँ तब ऐसी स्थिति पैदा होती है, दूसरा यह कि जब खुद के देश की वास्तविक स्थिति पर गंभीर निर्णय ना लेकर विदेशों से जुड़ने की कोशिश रहेगी तब घर के लोगों का रूठना लाजमी है ! तीन बार मुख्यमंत्री रहने के बाद शिवराज सिंह चौहान और रमन सिंह को इतनी कड़ी टक्कर मिलना, यह साबित करता है कि जनता ने भाजपा के अलावा अपना दूसरा विकल्प चुन लिया है ! भाजपा का सभी राज्यों में जिस प्रकार का प्रदर्शन रहा है, जो निर्णय आये हैं उसे देखते हुए यह कहा जा सकता है कि कांग्रेस,भाजपा को 2019 चुनाव में कड़ी टक्कर देने वाली है ! राम मंदिर के नाम पर अब तो वोट नहीं मिलने वाले क्यूंकि जो पिछले चार साल में नहीं हुआ वह चुनाव के पहले अचानक होना नामुमकिन सा है !


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