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वर्ष: 3, अंक 52, जनवरी(प्रथम) , 2019



छुअन


राजीव कुमार


सुमन ने मां की कसम और पापा के गुस्से के बाद कहीं जाकर गाड़ी तेज चलाने की आदत को बड़ी मुश्किल से छोड़ा था।

सुमन ने अपनी पत्नी को गाड़ी तेज चलाने के रोमांचक किस्से सुनाते हुए कहा, ‘‘एक बार कार ‘सांय’ से सामने से गुजर गई थी। तेज गाड़ी की छअन के एहसास से रोंगटे खड़े हो गए थे। यह भी बताया कि एक बार दोनों ब्रेक अगर नहीं लगाया होता तो ट्रक के साथ भिड़ंत तय थी।’’

सुमन की बाइक एकदम किनारे, धीमी गति से चल रही थी कि एक असंतुलित ट्रक ने रौंद डाला। हादसे की इस छुअन ने सुमन और उसकी पत्नी का जीवन छीन लिया।

नियत बदलता इंसान के हाथ में है और मगर नियति बदलना भगवान के हाथ में है।


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