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वर्ष: 3, अंक 52, जनवरी(प्रथम) , 2019



चाँद की शीतलता का महत्व


गरिमा


 
चाँद की शीतलता का अपना अहसास होता है,
चाँद खो जाता है पर अपना अहसास छोड़ जाता है।
चाँद की चमक कभी फीकी नहीं होती,
चाँद का होना ही मीठा अहसास कराता है।
चाँद की चांदनी में खो जाने को मन करता है,
चाँद की चमक में अपने आप को भूल जाने का मन करता है।
चाँद अपने अहसासों को धरती से बाँटता है ,
चाँद की शीतलता का अपना अहसास होता है।
चाँद की शीतलता में खो जाना चाहता हूँ,
चाँद से बाते करना बहुत अच्छा लगता है,
चाँद जब धरती पर देखता है तो बहुत ख़ूबसूरत लगता है।
चाँद की शीतलता का अहसास बहुत सुखद होता है,
चाँद को देखकर अपने दुःख दर्द भूल जाना चाहता हूँ।
चाँद की गहराइयों में डूब जाना चाहता हूँ,
चाँद में अपनी मुहब्बत को ढूँढ़ता हूँ।
चाँद में दाग है तो क्या हुआ,
चाँद मे अपनी मुहब्बत ढूंढ़ता हूँ,
चाँद की शीतलता में खो जाना चाहता हूँ।।
 

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