Sahityasudha view
साहित्यकारों की वेबपत्रिका
मुखपृष्ठ


साहित्यकारों की रचना स्थली

वर्ष: 3, अंक 54, फरवरी(प्रथम) , 2019



ख्वाब पलकों पे सजाये रखना !


डॉ. दिवाकर दत्त त्रिपाठी


          
नैन  राहों  पे  बिछाये  रखना !
ख्वाब पलकों पे सजाये रखना !

नींद की भीड़  में  न  खो  जाये ,
ख्वाब को उँगली थमाये रखना !

झूठ कितनी भी कोशिशें कर ले,
सच को सीने में छुपाये रखना !

वक्त की आँधियाँ तो आयेंगी,
याद की लौ को जलाये रखना !

दिल कहाँ सबसे मेल खाता है,
हाथ से हाथ मिलाये  रखना !

टूट जायेंगी  एक  दिन  साँसें,
सिलसिला यूँ ही बनाये रखना !
 

कृपया रचनाकार को मेल भेज कर अपने विचारों से अवगत करायें