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वर्ष: 3, अंक 54, फरवरी(प्रथम) , 2019



सूरज


प्रिया देवांगन "प्रियू"


  
देखो देखो आसमान पर, 
सूरज निकल कर आया  है।
प्रकाश सूरज की किरणों का, 
सब जगहों पर छाया है।
पंछियों ने आवाजों से अपनी
सारे जग  को जगाया है।
फूलों की बगिया में देखो
खुशियों का मौसम आया है।
चांव-चांव करके पंछियों ने,
आसमान सिर पर उठाया है।

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