Sahityasudha view
साहित्यकारों की वेबपत्रिका
मुखपृष्ठ


साहित्यकारों की रचना स्थली

वर्ष: 2, अंक 30, फरवरी(प्रथम), 2018



हे सखी! अपने आंगन में


शिबू टुडू


 
                      
1) हे सखी! अपने आंगन में
सीख ले तू भी,
रूक -रूक कर बोलना और रोना भी
बमों की झंकार और
लोक चितकार के लय में
अपना लय मिलाना
सीख ले 
क्योंकि धरती के हर कोने ने
मौसम बदलना सीखा है ।
2) हे सखी! अपने आंगन में
अपाहिजों और मासूमों को
बेदर्दी से सताना और रूलाना भी
अपना कर्तव्य समझ
परोपकार की भावना पनपा कर
पीछे न मुड़
निरन्तरता बनाये रखना
क्योंकि धरती के हर कोने ने
मौसम बदलना सीखा है ।
3) हे सखी ! अपने आंगन में
स्ंागमरमर का मोह छोड़
डाल ले 
डेरा झोपड़ियों में
वो दिन दूर नहीं
पथरीली भूमि पर
नंगे पैर चलना
सीख ले 
क्योंकि धरती के हर कोने ने
मौसम बदलना सीखा है ।
4) हे सखी ! अपने आंगन में
लुटेरों और आतंको का
गर्मजोशी से स्वागत करना
सीख ले
हो न हो
गोलियों और तोपों की बौछार कर
स्वर्ग तक पहँुचाना न भूलेंगे
क्योंकि धरती के हर कोने ने
मौसम बदलना सीखा है ।
5) हे सखी ! अपने आंगन में
अपनों से दूर रहना 
सीख ले
आज कोई अपने हैं
हो सकता है
कालान्तर में
प्रेमी बनकर परेशानी बने
सुनसान खाली मकान में
हर आहट को पहचानना 
सीख ले
क्योंकि धरती के हर कोने ने
मौसम बदलना सीखा है ।
6) हे सखी ! अपने आंगन में
अग्रजों की बातों में
कान हमेशा गड़ाये रखना
दबे फाइलों को और दबाना
दफतर के कामों में परहेज रख
ठंडा आदि का इंतजाम करना
सीख ले
क्योंकि धरती के हर कोने ने
मौसम बदलना सीखा है ।
7) हे सखी ! अपने आंगन में
बड़े बुजूर्गों से नजर बचा
दाल,सब्जी, चोखा आदि की
हेरा फिरी करना 
सीख ले
हो न हो
कालान्तर में
बड़े घोटालों का सौदा
नन्हें हाथों से तय हो
क्योंकि धरती के हर कोने ने
मौसम बदलना सीखा है ।

Redmi Y1 (Dark Grey, 32GB)
by Xiaomi
₹8,999.00

Moto G5s Plus
(Lunar Grey, 64GB) by Motorola
₹16,999.00
₹14,999.00

OnePlus 5T
(Midnight Black 6GB RAM + 64GB memory)
by OnePlus
₹32,999.00

कृपया रचनाकार को मेल भेज कर अपने विचारों से अवगत करायें

www.000webhost.com