Sahityasudha view
साहित्यकारों की वेबपत्रिका
मुखपृष्ठ


साहित्यकारों की रचना स्थली

वर्ष: 2, अंक 30, फरवरी(प्रथम), 2018



तो फिर मेरा सहारा कौन
( उस बच्ची की पुकार जिसको कभी-कभी
पैदा होते ही फुटपाथ पर छोड़ दिया जाता है)


राहुल प्रसाद


 

मन ही मन मशगूल हुए थे 
जाने क्या हम सोच रहे थे 
देखा मैंने कूड़े में तो 
कुत्ते बच्ची को नोच रहे थे 
जाने कैसे लोग रहे वो 
बीज जिन्होंने बोया होगा 
उस करुण दृश्य को देख-देख 
भागवान भी रोया होगा 
अपने सुख के लिए जिन्होंने 
ऐसा काम किया है  
खुद भी वो बदनाम हुए 
घर को भी बदनाम किया है 
उस करुण दृश्य को देख सभी की 
आहें निकल गयी होंगी 
पत्थर से पत्थर दिल के भी 
आंखे छलक गयी होंगी 
दारूण दृश्य वह देख-देखकर 
मन हुआ बहुत ही रोने को 
और व्यथा उस बच्ची की 
मजबूर हुआ फिर लिखने को 
 
कुछ सवाल हैं मेरे भी 
जिनका जबाब देना होगा 
अपने कर्मो का मुझको 
तुम्हे हिसाब देना होगा 
मै तो थी अनजान जहाँ से 
क्यों ऐसे मेरे कर्म हुए 
अपने भोग के खातिर तुम 
क्यों ऐसे बेशर्म हुए? 
कोई है जो प्रश्न का उत्तर 
मेरे आज बता पाए ?
क्यों मुझ पर कोई अपना 
अधिकार नहीं जाता पाए?    

मेरा तो अपराध नहीं था
फिर क्यों मुझको छोड़ दिया?
तुमने मुझको पैदा करके
क्यों अपना मुहं मोड़ लिया?
मेरी भी तो चाह यही थी
झूमू नाचूँ गाऊं मै
और सुनहरी सी दुनिया के
अपने ख्वाब सजाऊँ मै
माँ मुझको गोदी में लेकर
अपना दूध पिलाएगी
नींद नहीं गर आये तो
लोरी मुझे सुनाएगी
प्यारे-प्यारे से नामों से
रोज मुझे बुलाएगी
लेकिन मेरा सपना हे माँ
पल भर में ही टूट गया
दुनिया में आते-आते ही
साथ तुम्हारा छूट गया

अगर बच गयी मै दुनिया में
तो फिर मेरा सहारा कौन?
अगर नहीं मै बच पायी तो
फिर मेरा हत्यारा कौन?

Redmi Y1 (Dark Grey, 32GB)
by Xiaomi
₹8,999.00

Moto G5s Plus
(Lunar Grey, 64GB) by Motorola
₹16,999.00
₹14,999.00

OnePlus 5T
(Midnight Black 6GB RAM + 64GB memory)
by OnePlus
₹32,999.00

कृपया रचनाकार को मेल भेज कर अपने विचारों से अवगत करायें

www.000webhost.com