Sahityasudha view
साहित्यकारों की वेबपत्रिका
मुखपृष्ठ


साहित्यकारों की रचना स्थली

वर्ष: 2, अंक 30, फरवरी(प्रथम), 2018



कुछ तो उपचार हो


डा. दिनेश त्रिपाठी `शम्स’


     

ये विषय है नहीं सिर्फ उपहास का ,
कुछ तो उपचार हो युग के संत्रास का |

वृक्ष अब बाँटने लग गए धूप हैं ,
आजकल घोर संकट है विश्वास का |

मैं हूँ तपती दुपहरी का नायक मुझे ,
व्यर्थ लालच न दें अपने मधुमास का |

तृप्ति की याचना कैसे कर लूँ भला ,
मैं समर्थक रहा हूँ सदा प्यास का |

डूबने लग गई वक़्त की नब्ज़ है ,
छोड़िये सिलसिला हास-परिहास का |

आपने सिर्फ काटे मेरे पंख हैं ,
आँख में है अभी स्वप्न आकाश का |

लेखनी कवि की सोई नहीं है अभी ,
दीप अब भी बुझा है नहीं आस का |

इन पर क्लिक करके देखें



Mammon Women's Handbag
And Sling Bag Combo(Hs-Combo-Tb,Multicolor)

Rani Saahiba Printed
Art Bhagalpuri Silk Saree

Amayra blue floral printed long length
anarkali Cotton kurti for womens

Vaamsi Crepe Digital Printed Kurti
(VPK1265_Muti-Coloured_Free Size)

कृपया रचनाकार को मेल भेज कर अपने विचारों से अवगत करायें

www.000webhost.com