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वर्ष: 3, अंक 42, अगस्त(प्रथम) , 2018



गरिमा


डूब जाना चाहता हूं


आपकी आंखों में मैं, डूब जाना चाहता हूं|
प्यार की रंगत को मैं, महसूस करना चाहता हूं||
सावन की काली घटाओं में मैं, भीग जाना चाहता हूं|
आपको मैं बेन्तहा प्यार करना चाहता हूं||
क्या खूब बनाया है रब ने आपको|
आपके केशो में मैं, खो जाना चाहता हूं||
आपके चाहत के समुन्दर में, मैं डूब जाना चाहता हूं||
आपकी आंखों में है नशा प्यार का|
उन ही आंखों में मैं, डूब जाना चाहता हूं||
 

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