मुखपृष्ठ
साहित्यकारों की वेबपत्रिका
Sahityasudha
वर्ष: 3, अंक 58, अप्रैल(प्रथम), 2019

अभी बातें अधूरी हैं

विज्ञा तिवारी "स्वयं"

अभी बातें अधूरी हैं मुलाकातें अधूरी हैं,,। अभी सपने अधूरे हैं कल्पनाएं अधूरी हैं,,। अभी रास्ते अधूरे हैं कई मंजिलें अधूरी हैं,,। कुछ निर्णय अधूरे हैं कुछ दूरियां अधूरी हैं,,। अभी रिश्ते अधूरे हैं सच्ची श्रद्धा अधूरी है,,। अभी जय अधूरी है अभी पराजय अधूरी है,,। अभी त्याग अधूरा है तो सम्मति अधूरी है,,। अभी दर्द अधूरा है अभी दवा भी अधूरी है,,। अभी चांद अधूरा है अभी चांदनी अधूरी है,,। अभी जीवन अधूरा है अभी मृत्यु अधूरी है,,। अभी प्यार अधूरा है तो संवेदना अधूरी है,,। अभी मैं अधूरा हूं क्यूंकि अभी तू अधूरी है,,।


कृपया रचनाकार को मेल भेज कर अपने विचारों से अवगत करायें