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वर्ष: 2, अंक 20, सितम्बर(प्रथम), 2017



भारत की बेटियां


सुशील शर्मा


 		 
सबसे महान होती हैं भारत की बेटियां।
हम सबकी शान होती हैं भारत की बेटियां।
जिस दिन से घर मे आती हैं बेटियां।
माता पिता की इज्जत बन जाती हैं बेटियां।
भारत के विकास की डोर थामें हैं बेटियां।
भारत को बुलंदियों पर पहुंचाती बेटियां।
सीता सावित्री दुर्गा की प्रतिरूप है बेटियां।
लक्ष्मी सरस्वती राधा का रूप है बेटियां।
हर युग मे भारत को नई दिशा देतीं है बेटियां।
त्याग और बलिदान से भरपूर हैं बेटियां।
रण में चंडी दुर्गा लक्ष्मी अहिल्या होती है बेटियां।
आसमान में कल्पना सुनीता सी तैरती है बेटियां।
खेल में ऊषा मलेश्वरी सिंधु सी मचलती है बेटियां।
बछेंद्री सानिया मिताली सी उछलती हैं बेटियां।
 विजया इंद्रा सुषमा सी चमकती है बेटियां।
प्रशासन में किरण बेदी सी कड़कती हैं बेटियां।
मैत्रई गार्गी सी विद्वान होती हैं बेटियां।
महादेवी अमृता सी साहित्यिक होती हैं बेटियां।
हर क्षेत्र में लक्ष्य को भेदती हैं बेटियां।
जीवन की चुनौती को जीतती हैं बेटियां।
भारत का सम्मान होतीं हैं बेटियां।
माँ बाप का अभिमान होती हैं बेटियां।
मरने से नहीं डरती हैं भारत की बेटियां।
पीछे मुड़कर नहीं देखती हैं भारत की बेटियां।
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