Sahityasudha view
साहित्यकारों की वेबपत्रिका
मुखपृष्ठ


साहित्यकारों की रचना स्थली

वर्ष: 2, अंक 20, सितम्बर(प्रथम), 2017



बोलना


सुशांत सुप्रिय


 		 
हर बार जब मैं
अपना मुँह खोलता हूँ
तो केवल मैं ही नहीं बोलता

माँ का दूध भी
बोलता है मुझमें से

पिता की शिक्षा भी
बोलती है मुझमें से

मेरा देश
मेरा काल भी
बोलता है मुझमें से

www.000webhost.com

कृपया अपनी प्रतिक्रिया sahityasudha2016@gmail.com पर भेजें