Sahityasudha view
साहित्यकारों की वेबपत्रिका
मुखपृष्ठ


साहित्यकारों की रचना स्थली

वर्ष: 2, अंक 24, नवम्बर(प्रथम), 2017



लत


संजीव ठाकुर


 
नाउम्मीदी की गाज 
गिरी है मेरी छत पर 
अब छोड़ दूँगा 
अड़ना 
हर लत पर 

लत ही तो है 
चाहना 
किसी को 
इस हद तक ? 



www.000webhost.com

कृपया अपनी प्रतिक्रिया sahityasudha2016@gmail.com पर भेजें