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वर्ष: 2, अंक 24, नवम्बर(प्रथम), 2017



हाइकु -
मेरी प्यारी माँ


महेन्द्र देवांगन माटी


 
(1) ममता मयी 
करुणा का सागर
मेरी प्यारी माँ ।

(2) याद सताती 
जब दूर है जाती
मेरी प्यारी माँ ।

(3) हमें खिलाती 
भले न खुद खाती 
मेरी प्यारी माँ ।

(4) हमें पढ़ाती
तजुर्बा सिखलाती 
मेरी प्यारी माँ ।

(5) लोरी सुनाती 
पेट पर सुलाती 
मेरी प्यारी माँ ।

(6) जीना सिखाती
सत्य मार्ग बताती 
मेरी प्यारी माँ ।

(7) गुनगुनाती
आंचल लहराती
मेरी प्यारी माँ ।
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